मध्ययुगीन भक्तिमार्ग के पथदर्शक – श्रीचक्रधर स्वामी , Dr. Raut R. R. 1 Draft Issue 1

Date of Publication:   12/15/2025
Abstract:

मध्ययुगीन शताब्दी मे महाराष्ट्र के तीनों भक्ति संप्रदायों, अर्थात् नाथ संप्रदाय, वारकरी संप्रदाय और महानुभाव संप्रदाय के लिए अत्यंत महत्त्वपूर्ण थी। इसमें नाथ संप्रदाय एक शैव संप्रदाय है जिसके आराध्य शिव हैं, जबकि वारकरी संप्रदाय के आराध्य पंढरपुर के विट्ठल हैं। वारकरी संप्रदाय विठ्ठल को श्रीकृष्ण का अवतार मानता है। जबकि महानुभाव संप्रदाय श्रीकृष्ण को ईश्वर का एक स्वतंत्र अवतार मानता है । अंतर केवल इतना है कि अन्य भक्ति संप्रदाय श्रीकृष्ण को श्रीविष्णु का अवतार मानते हैं, जबकि महानुभाव संप्रदाय श्रीविष्णु को देवता मानता है और श्रीकृष्ण को ईश्वर का एक स्वतंत्र अवतार मानता है।

Keywords :

श्री चक्रधर स्वामी, भक्ती, मध्ययुग, वारकरी, संप्रदाय

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