मध्ययुगीन भक्तिमार्ग के पथदर्शक – श्रीचक्रधर स्वामी

RESEARCH ARTICLE

मध्ययुगीन भक्तिमार्ग के पथदर्शक – श्रीचक्रधर स्वामी

Dr. Raut R. R.

Vol. 1Issue 1 (March 2026)RES-V1-I1-P008Pages 36-49

Abstract

मध्ययुगीन शताब्दी मे महाराष्ट्र के तीनों भक्ति संप्रदायों, अर्थात् नाथ संप्रदाय, वारकरी संप्रदाय और महानुभाव संप्रदाय के लिए अत्यंत महत्त्वपूर्ण थी। इसमें नाथ संप्रदाय एक शैव संप्रदाय है जिसके आराध्य शिव हैं, जबकि वारकरी संप्रदाय के आराध्य पंढरपुर के विट्ठल हैं। वारकरी संप्रदाय विठ्ठल को श्रीकृष्ण का अवतार मानता है। जबकि महानुभाव संप्रदाय श्रीकृष्ण को ईश्वर का एक स्वतंत्र अवतार मानता है । अंतर केवल इतना है कि अन्य भक्ति संप्रदाय श्रीकृष्ण को श्रीविष्णु का अवतार मानते हैं, जबकि महानुभाव संप्रदाय श्रीविष्णु को देवता मानता है और श्रीकृष्ण को ईश्वर का एक स्वतंत्र अवतार मानता है।
बारहवीं शताब्दी तक महाराष्ट्र में सामाजिक स्तर पर धार्मिक अनैतिकता चरम पर पहुँच चुकी थी । दौलताबाद के विलासी राजा रामदेव यद्यपि राजगद्दी पर थे, परन्तु उन्हें अपनी प्रजा से अधिक अपने विलासी जीवन से लगाव था । इस विलासी राजा के दरबार में हेमाद्रि पंडित और बोपदेव जैसे विद्वान थे । यादव परिवार सनातन धर्म पर गर्व करता था। वे हेमाद्रि जैसे अत्यंत प्रखर सनातन विचारकों से प्रभावित थे ।

Cite this paper

Choose a citation style and copy the formatted reference.

APA 7

R., D. R. R. (2026). मध्ययुगीन भक्तिमार्ग के पथदर्शक – श्रीचक्रधर स्वामी. RESONET 1(1 (March 2026)), 36-49. https://resonetjournal.org/research-paper/%e0%a4%ae%e0%a4%a7%e0%a5%8d%e0%a4%af%e0%a4%af%e0%a5%81%e0%a4%97%e0%a5%80%e0%a4%a8-%e0%a4%ad%e0%a4%95%e0%a5%8d%e0%a4%a4%e0%a4%bf%e0%a4%ae%e0%a4%be%e0%a4%b0%e0%a5%8d%e0%a4%97-%e0%a4%95%e0%a5%87/

MLA 9

R., Dr. Raut R.. "मध्ययुगीन भक्तिमार्ग के पथदर्शक – श्रीचक्रधर स्वामी" RESONET, vol. 1, no. 1 (March 2026), 2026, pp. 36-49. https://resonetjournal.org/research-paper/%e0%a4%ae%e0%a4%a7%e0%a5%8d%e0%a4%af%e0%a4%af%e0%a5%81%e0%a4%97%e0%a5%80%e0%a4%a8-%e0%a4%ad%e0%a4%95%e0%a5%8d%e0%a4%a4%e0%a4%bf%e0%a4%ae%e0%a4%be%e0%a4%b0%e0%a5%8d%e0%a4%97-%e0%a4%95%e0%a5%87/.

Chicago (Author-Date)

R., Dr. Raut R.. 2026. "मध्ययुगीन भक्तिमार्ग के पथदर्शक – श्रीचक्रधर स्वामी". RESONET 1(1 (March 2026)), 36-49. https://resonetjournal.org/research-paper/%e0%a4%ae%e0%a4%a7%e0%a5%8d%e0%a4%af%e0%a4%af%e0%a5%81%e0%a4%97%e0%a5%80%e0%a4%a8-%e0%a4%ad%e0%a4%95%e0%a5%8d%e0%a4%a4%e0%a4%bf%e0%a4%ae%e0%a4%be%e0%a4%b0%e0%a5%8d%e0%a4%97-%e0%a4%95%e0%a5%87/.

Harvard

R., D. R. R. (2026) "मध्ययुगीन भक्तिमार्ग के पथदर्शक – श्रीचक्रधर स्वामी", RESONET 1(1 (March 2026)), 36-49. Available at: https://resonetjournal.org/research-paper/%e0%a4%ae%e0%a4%a7%e0%a5%8d%e0%a4%af%e0%a4%af%e0%a5%81%e0%a4%97%e0%a5%80%e0%a4%a8-%e0%a4%ad%e0%a4%95%e0%a5%8d%e0%a4%a4%e0%a4%bf%e0%a4%ae%e0%a4%be%e0%a4%b0%e0%a5%8d%e0%a4%97-%e0%a4%95%e0%a5%87/.

Vancouver

Dr. Raut R. R.. मध्ययुगीन भक्तिमार्ग के पथदर्शक – श्रीचक्रधर स्वामी. RESONET. 2026;1(1 (March 2026)):36-49. doi: https://resonetjournal.org/research-paper/%e0%a4%ae%e0%a4%a7%e0%a5%8d%e0%a4%af%e0%a4%af%e0%a5%81%e0%a4%97%e0%a5%80%e0%a4%a8-%e0%a4%ad%e0%a4%95%e0%a5%8d%e0%a4%a4%e0%a4%bf%e0%a4%ae%e0%a4%be%e0%a4%b0%e0%a5%8d%e0%a4%97-%e0%a4%95%e0%a5%87/

Please verify author names, publication year, volume, issue, pages and DOI before submitting your reference.

Scroll to Top